छतबीड़ चिड़ियाघर का हिस्सा बने दो नन्हे टाइगर ‘अभय’ और ‘आरियन’

छतबीड़ चिड़ियाघर का हिस्सा बने दो नन्हे टाइगर ‘अभय’ और ‘आरियन’

वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने सेमी ओपन एरिया में छोड़े गए नन्हे टाइगर

वेटरनरी अस्पताल के नवीनीकरण सहित अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन

वन्यजीव संरक्षण विभाग विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत: लाल चंद कटारूचक्क

रोहित गुप्ता

जीरकपुर 19,फरवरी

पंजाब में वन एवं वन्यजीवों के उचित संरक्षण को सुनिश्चित करने की नीति को आगे बढ़ाते हुए वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज छतबीड़ चिड़ियाघर में नवजात टाइगर शावकों को इंटेंसिव केयर से बड़े घर (कराल) में छोड़ा। यह उल्लेखनीय है कि मादा गौरी (सफेद टाइगर) और नर अर्जुन (पीला टाइगर) के आपसी मेल से 31 अक्टूबर 2024 को दिवाली की रात लगभग 12 बजे दो शावकों – एक सफेद और एक पीले – का जन्म हुआ। मंत्री ने बताया कि ये दोनों शावक स्वस्थ हैं और इन्हें एक और टीका लगाए जाने के बाद आम दर्शकों के देखने के लिए पिंजरे (एन्क्लोज़र) में छोड़ा जाएगा।




इसके अलावा, श्री लाल चंद कटारूचक्क ने छतबीड़ चिड़ियाघर में वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब सरकार द्वारा दिए गए फंड से किए जा रहे विकास कार्यों में से निम्नलिखित कार्य पूरे होने के बाद उनका उद्घाटन किया। इनमें वेटरनरी अस्पताल के पुराने प्रशासनिक ब्लॉक के नवीनीकरण के बाद उद्घाटन शामिल था। इसमें एक वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी का कार्यालय, वेटरनरी इंस्पेक्टर का कार्यालय, वेटरनरी स्टाफ का कमरा, प्रयोगशाला-1 और प्रयोगशाला-2, डिस्पेंसरी, रिसर्च रूम, पेंट्री और दो वॉशरूम शामिल हैं।

इसके अलावा, 3500 वर्गमीटर सर्विस सर्कुलेशन पथ का कार्य पूरा होने के बाद इसे स्टाफ की आवाजाही, फीड-फोडर के वाहनों और बेस्ट एनिमल मैनेजमेंट प्रैक्टिस को लागू करने के लिए समर्पित किया गया। इससे जानवरों या आम जनता को किसी असुविधा के बिना उनके बाड़ों में चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। यह एक आधुनिक चिड़ियाघर की पहचान है। इतना ही नहीं, बल्कि 3200 वर्गमीटर (800 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा) लंबा विज़िटर पाथ भी दर्शकों की सुविधा के लिए विभिन्न बाड़ों के सामने बनाया गया है, जिसे आम जनता को समर्पित किया गया। इसके अलावा, छतबीड़ चिड़ियाघर में रात में ड्यूटी करने वाले चौकीदारों के लिए दो नए नाइट शेल्टर बनाए गए, जिनका उद्घाटन किया गया। साथ ही, पंजाब जू डेवलपमेंट सोसाइटी के लोगो का भी अनावरण किया गया।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने वाइल्डलाइफ सफारी बसों के लिए पार्किंग स्टैंड, विज़िटर शेल्टर के पास लॉयन सफारी कैंटीन और शैलोलैक कैंटीन, मगरमच्छ एन्क्लोज़र, बैटरी ऑपरेटेड वाहन (बी.ओ.टी.) के लिए पार्किंग स्टैंड और हिरण सफारी में शाकाहारी जानवरों के लिए फीडिंग प्लेटफॉर्म आदि परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया।

इस अवसर पर श्री कटारूचक्क ने बताया कि छतबीड़ चिड़ियाघर समय-समय पर लोगों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील



ता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करता रहता है, जिनमें रक्तदान शिविर, दौड़ प्रतियोगिता (रन फॉर वाइल्ड), चिड़ियाघर शिक्षा कार्यक्रम आदि शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम जनता को वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाता है।




इस मौके पर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक श्री धर्मेंद्र शर्मा, छतबीड़ चिड़ियाघर के फील्ड डायरेक्टर नीरज कुमार, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सागर सेतिया आदि भी उपस्थित थे।

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