HARYANA NEWS-हरियाणा बीजेपी सरकार का नया फरमान आम जनता पर लगेगी पाबंदी नेताओं को मिली खुली छूट ?

हरियाणा बीजेपी सरकार का नया फरमान आम जनता पर लगेगी पाबंदी नेताओं को मिली खुली छूट ?

चंडीगढ़ /राजकुमार अग्रवाल

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी गई है, जिनमें ट्रैवल एजेंट पंजीकरण, शव सम्मान निपटान, सार्वजनिक जुआ-सट्टा रोकथाम और अनुबंध कर्मचारी जॉब सिक्योरिटी विधेयक शामिल हैं.

हरियाणा में आये दिन अपराध हो रहे है खासकर हरियाणा पुलिस के हाथों क्योंकि पुलिस को वो सब अधिकार (गैरकानूनी )मिले हुए है जिनके चलते हरियाणा पुलिस किसी को कहीं भी मार सकती है और उसकी लाश को फरीदाबाद और पलवल की तरह पेड़ पर लटका कर आत्महत्या करार दे दे देती है।

यही नहीं हरयाणा सरकार चल ही पुलिस के सहारे रही है तभी तो नेताओं का सरंक्षण हत्यारी पुलिस को मिला हुआ है जब पुलिस किसी को लाठी डंडो ,बेल्टों ,से हाथ पाँव बांध कर मारती है तो आये दिन अख़बारों की सुर्ख़ियों में छाया रहता है बावजूद इसके गुंडे पुलिस वालों को कोई सजा नहीं मिलती उल्टा सरकारी काम में बाधा डालने का झूठा केस पीड़ित परिवार पर लगा उसे भी प्रताड़ित किया जाता है।

अब हरियाणा सरकार यानि बीजेपी ने जो न्य कानून बनाया है उसस्के चलते हरियाणा सरकार की लाइसेंस धारी बदनाम पुलिस किसी को भी मार सकती है या किसी की भी मार कर अधमरा कर सकती है और पीड़ित परिवार आवाज भी नहीं उठा सकेगा ?

गौरतलब है कि पलवल पुलिस की थर्ड डिग्री टॉर्चर से आहत 23 वर्षीय युवक नीतीश ने आत्महत्या कर ली थी जिसके चलते परिजनों ने बागपुर पुलिस चौकी के सामने युवक के शव के साथ जमकर हंगामा किया. हंगामे के बाद पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मी और उसके एक साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया

ऐसा ही एक मामला बीते दिनों फरीदाबाद के छांयसा थाना क्षेत्र का सामने आया जहां पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी. 22 वर्षीय नीतीश जो राजपुर का रहने वाला था. जिसकी अब मौत हो चुकी है.को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई और बाद में शव को पेड़ से लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या का लगे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में नायब सैनी की बीजेपी सरकार ने जिन कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी है वे सब आम जनता पर लागू होते है नेता बिरादरी को इन सब विधेयकों में छूट मिली है वे कहीं भी कुछ भी कर सकते है ? क्योंकि हरियाणा बीजेपी की नायब सैनी सरकार ने यह सपष्ट नहीं किया की रोड़ जाम यानी शव रख कर सड़क पर प्रदर्शन नहीं कर सकते लेकिन क्या नेता खुद बीजेपी जब रैलियां या प्रदर्शन करेगी तो क्या यह कानून उन पर भी लागू होगा क्योंकि खुद नायब सैनी जब रैली करेंगे या उनकी पार्टी कोई प्रदर्शन करेगी तो उस समय रोड़ भी जाम होगा और सड़के भी तो क्या ऐसा करने पर 6 महीने से 3 साल तक की कैद और एक लाख रुपए तक का जुर्माना उन पर भी लागु होगा ? गौरतलब है की देश और राज्यों में सरकारों द्वारा जो भी कानून बनाये जाते है वे सिर्फ आम जनता को बंधक बनाने के लिए होते है इन कानूनों के तहत आम जनता पर कई आपराधिक धाराएं लगा कर उन्हें अपराधी बना दिया जाता है लेकिन जब ऐसे ही प्रदर्शन राजनीतिक दल करते है तो उन पर फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया जाता है।

हरियाणा जुआ-सट्‌टा विधेयक-2025 पास :

वहीं इसके अलावा हरियाणा जुआ-सट्‌टा विधेयक-2025 भी सदन में पारित हो गया है. इस विधेयक में मैच फिक्सिंग, चुनाव या खेलों में सट्टेबाजी करने वालों के लिए 3 से 5 साल तक कैद का प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा प्रॉपर्टी भी जब्त की जाएगी.इसमें सट्टेबाजी के विभिन्न मामलों की श्रेणियों को परिभाषित किया गया है और पुलिस को व्यापक अधिकार प्रदान किए गए हैं. इसका उद्देश्य खेलों की स्वच्छता और निष्पक्षता को बनाए रखना और राज्य में जुआ-सट्टा गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करना है.

शव रखकर प्रदर्शन पर रोक :

हरियाणा शव सम्मान निपटान विधेयक विधानसभा में पास कर दिया गया. इसके तहत अब लोग सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे. ऐसा करने पर 6 महीने से 3 साल तक की कैद और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. इस बिल के पास हो जाने के बाद मृतकों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित होगा और शव रखकर प्रदर्शन करना गैरकानूनी हो जाएगा. कांग्रेस के विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई. कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने कहा कि इस कानून से लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन होगा. केंद्र सरकार ने इस विधेयक को वापस क्यों भेजा था?. इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को भरोसा दिया कि इस विधेयक में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे लोगों के अधिकारों का हनन हो

ट्रैवल एजेंट हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण और विनियमन विधेयक, 2025 को विधानसभा में मंजूरी दी गई है. यह विधेयक ट्रैवल एजेंटों को वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए बाध्य करता है और बिना प्रमाण पत्र के कारोबार करने पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है. नियमों के उल्लंघन पर ट्रैवल एजेंटों को अधिकतम 7 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इस कानून से ट्रैवल उद्योग में पारदर्शिता और ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी.

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