चुनाव की टेंशन या हार का डर

इलेक्शन की टेंशन

इलेक्शन सिंबल मिलते ही होर्डिंग लटकाने की दावेदार उम्मीदवारों में होड़

केंद्र और राज्य के मंत्रियों के फ्लेक्स हटाकर अपने चमकते चेहरे लगाएं

मुख्य सड़क मार्ग से लेकर हर गली मोहल्ले में हर खंबे पर प्रचार सामग्री

कुछ दिन पहले ही नगर परिषद के द्वारा हटाए गए थे चुनाव प्रचार सामग्री

निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही लागू हो चुकी आदर्श चुनाव संहिता

फतह सिंह उजाला

पटौदी । निकाय चुनाव प्रक्रिया दावेदार उम्मीदवारों के चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ ही पूरे उफान पर पहुंच गई है। उम्मीदवार दावेदारों की हसरत एक ही है या फिर टेंशन है । किसी भी ना किसी तरीके से अधिक से अधिक लोगों के सामने अपने चेहरे दिखाए जाएं । चेहरे दिखाने के साथ-साथ चुनाव चिन्ह दिखाते हुए जीत सुनिश्चित बनाई जा सके। इस मामले में अभी तक सबसे आगे सत्ताधारी भाजपा के दावेदार उम्मीदवार ही दौड़ में आगे दिखाई दे रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है। संबंधित क्षेत्र के निर्वाचन कार्यालय और अधिकारियों पर आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो, इसकी जिम्मेदारी भी बनी रहती है। अवहेलना या अनदेखा किया जाने पर गाइडलाइन के मुताबिक कठोर कार्रवाई का प्रावधान भी है।

हैरानी और मजे की बात यह है कि पटौदी जाटोली मंडी नगर परिषद क्षेत्र में मुख्य मार्गों पर बुधवार दोपहर तक हरियाणा और केंद्र सरकार के भाजपा मंत्रियों के बड़े-बड़े चेहरे वाले होर्डिंग अथवा यूनिपोल पल सड़क के बीचो-बीच लगे हुए देखे गए। बुधवार को 3:00 बजे नॉमिनेशन वापस लेने और दावेदार उम्मीदवारों को सिंबल आवंटन किया जाने के साथ ही मुख्य मुकाबले में मानी जा रही भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के द्वारा अपने अपने कार्यालय के उद्घाटन भी किए गए। इसके बाद में जहां-जहां भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा में मंत्री आरती सिंह राव और पटौदी की विधायक विमला चौधरी के चेहरे वाले बड़े-बड़े होर्डिंग अथवा यूनिपोल उधेड दिए गए। उनके स्थान पर भाजपा के द्वारा घोषित पटौदी जाटोली मंडी परिषद के अध्यक्ष उम्मीदवार के मुस्कुराते हुए चेहरे वाली प्रचार सामग्री ने स्थान ले लिया । मुख्य मार्ग के अलावा नगर परिषद के पुराना पटौदी नगर पालिका और पुराना हेली मंडी पालिका के विभिन्न वार्डों तथा आसपास के परिषद में शामिल गांव में भी अनगिनत संख्या में चुनावी उम्मीदवार दावेदारों के चुनाव प्रचार वाले मुस्कुराते चेहरे सहित चुनाव चिन्ह युक्त होर्डिंग फ्लेक्स जैसी सामग्री निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों को चुनौती देती हुई महसूस की जा सकती है।




बुधवार को तो केवल मात्र चुनाव दावेदार उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं । भाजपा और कांग्रेस का तो चुनाव चिन्ह पहले से ही निर्धारित है। नए चुनाव चिन्ह प्राप्त करने वाले उम्मीदवार दावेदारों के होर्डिंग फ्लेक्स व अन्य प्रकार की प्रचार सामग्री बड़ी संख्या में निकलकर अथवा तैयार करवा कर गुरुवार से इसको युद्ध स्तर पर लगाने का काम आरंभ होने से बिल्कुल भी इनकार नहीं किया जा सकता । पिछले अनुभव को देखते हुए एक-एक पोल अथवा खंभे पर संबंधित वार्ड में ही विभिन्न उम्मीदवारों के होर्डिंग फ्लेक्स इत्यादि लगाने का एक अलग ही कंपटीशन आरंभ हो जाएगा। दूसरी तरफ घर-घर या फिर डोर टू डोर प्रचार करते हुए भी संबंधित उम्मीदवारों के पंपलेट घर के दरवाजे या फिर घर की दीवारों के सामने भी चिपकाने का खेल आरंभ हो चुका है। अब जिज्ञासा और सवाल यही है कि संबंधित विभाग और अधिकारी कितनी तत्परता और तीव्रता के साथ चुनाव के दावेदार उम्मीदवारों की मनमानी पर लगाम कसमे में सफल रहते हैं।

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