भारत ने जारी की 67 आतंकवादी समूहों की लिस्ट आरएसएस का नाम शामिल नहीं

नई दिल्ली: भारतीय गृह मंत्रालय (Indian Home Ministry)ने आतंकवादी संगठनों और गैरकानूनी संघों की लिस्ट को अपडेट किया है. मंत्रालय ने नई लिस्ट में करीब 67 आतंकी समूहों (67 terrorist ग्रुप्स)को शामिल किया है. ये ऐसे संगठन हैं, जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं और देश के लिए खतरा बन रहे हैं.गृह मंत्रालय ने जो लिस्ट जारी की है उसमे आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ) का नाम शामिल नहीं किया है
सत्ताधारी बीजेपी के आइडियोलॉजिकल थिंक टैंक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ भी भारत में आवाज उठती रही है की आरएसएस भारत में धर्म के नाम पर आतंक मचाता है इसलिए आरएसएस की आतंकवादी संस्था घोषित किया जाना चाहिए भारत संसद में भी बहुत बार यह मांग विपक्ष द्वारा उठाई जा चुकी है। गौरतलब है कि आरएसएस भारत में अभी तक किसी भी राज्य या देश में रजिस्टर्ड संस्था नहीं है और आरएसएस के पास हथियारों का जखीरा भी है। यही नहीं भारत सरकार आरएसएस से जुड़े लोगों को राष्ट्रिय स्तर पर सुरक्षा भी उपलब्ध करती है।यही नहीं आरएसएस के खिलाफ ऐसी मांग दशकों से उठाई जा रही है जिसमे स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आतंकी संगठन घोषित करवाने के लिए तीन भारतीयों ने अमेरिकी अदालत की शरण ली थी । इन तीनों ने आरएसएस पर उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगाया था ।
तीनों ने सिख अधिकार संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) की मदद ली थी ।
गृह मंत्रालय ऐसी सूची को लगातार अपडेट करता रहता है. इन संगठनों को प्रतिबंधित घोषित करना भारत द्वारा अपनी सीमाओं के भीतर आतंकवाद और चरमपंथी गतिविधियों को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है. बता दें, यूएपीए के तहत सूचीबद्ध संगठनों को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जिसमें संपत्ति जब्त करना और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल सदस्यों की गिरफ्तारी शामिल है.
लिस्ट में जिन आतंकवादी संगठनों को शामिल किया गया है, उनमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल है, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, लश्कर-ए-तैयबा या पासबान-ए-अहले हदीस या द रेजिस्टेंस फ्रंट, जैश-ए-मोहम्मद या तहरीक-ए-फुरकान या पीपुल्स एंटी-फासीस्ट-फ्रंट (पीएएफएफ), हरकत-उल-मुजाहिदीन या हरकत-उल-अंसार या हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी या अंसार-उल-उम्माह; हिज्ब-उल-मुजाहिदीन या हिज्ब-उल-मुजाहिदीन पीर पंजाल रेजिमेंट. अल-उमर-मुजाहिदीन; जम्मू और कश्मीर इस्लामिक फ्रंट; यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा); असम में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ), पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक (पीआरईपीएके), कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी), कांगलेई याओल कानबा लुप (केवाईकेएल), मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (एमपीएलएफ); ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ); नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी), लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई), स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी), दीनदार अंजुमन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)-पीपुल्स वार, माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी), अल बद्र; जमीयत-उल-मुजाहिदीन; अल-कायदा या भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस).
दुख्तरान-ए-मिलत (डीईएम), तमिलनाडु लिबरेशन आर्मी (टीएनएलए), तमिल नेशनल रिट्राइवल ट्रूप्स (टीएनआरटी), अखिल भारत नेपाली एकता समाज (एबीएनईएस) और संयुक्त राष्ट्र (सुरक्षा परिषद) अधिनियम, 1947 की धारा 2 के अंतर्गत बनाए गए और समय-समय पर संशोधित संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद की रोकथाम और दमन (सुरक्षा परिषद प्रस्तावों का कार्यान्वयन) आदेश, 2007 की अनुसूची में सूचीबद्ध संगठन, साथ ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी), गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (जीएनएलए), कामतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन, इस्लामिक स्टेट या इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवेंट या इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया या दाएश, नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग), खालिस्तान लिबरेशन फोर्स. सूची में नामित संगठनों के रूप में नामित अन्य आतंकवादी समूह हैं: तहरीक-उल-मुजाहिदीन (टीयूएम); जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश या जमात-उल-मुजाहिदीन भारत या जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान, जम्मू और कश्मीर गजनवी फोर्स (जेकेजीएफ), खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) तथा हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी).